क्या आप लेवी देने जा रहे है ?? रुक जाइये क्योकि इसको भेजने के बाद भी यदि आपका पैसा कटा तो WeBankers अपने खर्चे पर चुनौती देगा ।। - We Bankers

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Banking Revolution in india

Wednesday, December 23, 2020

क्या आप लेवी देने जा रहे है ?? रुक जाइये क्योकि इसको भेजने के बाद भी यदि आपका पैसा कटा तो WeBankers अपने खर्चे पर चुनौती देगा ।।

 क्या आप लेवी देंगे ??

11 BPS की शुरुआत IBA के 2 प्रतिशत से प्रारंभ हुई थी , जिसे बैंक के नेताओ ने 3 वर्षों से भी ज्यादा खींचा , बहुत से उतार चढ़ाव आये जिसमें एक नई युवाओं की यूनियन We Bankers ने 14 लाख बैंककर्मचारियो व पेंशनकर्मियो की बात को सोशल मीडिया पर प्रमुखता से उठाया ।।


Webankers की RTI टीम ने जहाँ एक के बाद एक RTI से यूनियन व बैंक मैनेजमेंट के काले सच को सामने रखा वही मुख्य टीम ने Allahabad हाइकोर्ट से बैंककर्मचारी को BPS मिलना चाहिए या CPC उसका आदेश करवा आये ।।


हमे इन युवाओं के साथ अपने वरिष्ठ साथियों पर भी गर्व है जिन्होंने पहली बार बैंककर्मचारी की तनख्वाह व अन्य मुद्दों पर बहस के लिए NIT का गठन करवा दिया जिसकी सुनवाई 4Feb 2021 को है ।।


इन सबके साथ ही Webankers ने एक मांग और रखी थी कि जिस प्रकार Webankers की मांग पर Oct 2019 में Adhoc Salary 1 माह के बराबर दिया गया था उसी प्रकार इस वर्ष  2020 में भी Adhoc payment दे दिया जाए ।।


आपकी जानकारी के लिए बता दिया जाए Adhoc का मतलब अंतरिम भुगतान होता है , Webankers शुरू से कह रहा है कि अब तक का भुगतान कर दिया जाए व आगे के लिए NIT के फैसले का इंतजार किया जाए ।।


वर्तमान में चारो तरफ जो Arrear की हवा चल रही है वो Webankers के अथक प्रयासों का नतीजा है पर दुखद पहलू इसका ये है कि वर्तमान यूनियन इस Adhoc Salary पर निगाहे गड़ाई हुई है ।। उन्होंने कभी 4 % व कभी 2% लेवी काटने का फरमान जारी कर दिया है ,


ये पैसा आपका है जो बिना ब्याज का आपको मिल रहा है जिसके जिम्मेदार आपके नेता है और जब Webankers इसे अंतरिम राहत के रूप में दिला रहा है तो लेवी मांगना उनकी असलियत को बयां कर रहा है ।।


हमारी आप सभी से गुजारिश है कि ऐसी चंदा लेवी वाली यूनियन छोड़िए और Webankers को जॉइन करिये ।। इसके साथ ही अपने HR को लेवी न काटने का पत्र भेजिए , इन सबके बावजूद यदि आपका लेवी कटा तो आप contact@webankers.in पर मेल करके बताये हम उसे अपने खर्चो पर चैलेंज करेंगे ।।


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All bankers who believe that the UFBU along with IBA has cheated the Bankers by providing a Salary less than chaprasis of Govt institutions, may please write a letter to the Respective HRM Dept of their banks to not deduct any levy from the adhoc arrears and wages.

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