देश का सबसे बड़ा बैंक SBI 100 रिटायर्ड लोगो पर 75 नए लोग नियुक्त करेगा ??
शायद ये खबर आप लोगो के पास आ गयी हो औऱ ये भी पता चल गया कम या थोड़ा ज्यादा कमोबेश सभी बैंकों में भर्तियां नही हो रही है, SBI बड़ा बैंक है इसलिए उसने ये न्यूज़ सार्वजनिक कर दी है ।।
अब अपना व्यक्तिगत अनुभव शेयर करते है, चूंकि शादियों का मौसम चल रहा है तो हम भी एक शादी में गए थे तो वहाँ देखा कुछ लोग बैंक वालो से बड़ा परेशान दिख रहे थे और अपना गुस्सा बैंक वालो पर ही उतार रहे थे तो हमने भी पूछ लिया भाई हुआ क्या समस्या तो बताओ तो भाई साहब खिशियाने वाले अंदाज में बोले और बूलेट ट्रेन से भी तेज रफ्तार में बोलने लगे,
एक काम नही करते ये बैंक वाले दिन भर एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टहलाते रहते हैं, मैं एक कर मैं परोसता हु आपको जैसे
1. आधार कार्ड लिंक के लिए लाइन में लगो
2. गैस सब्सिडी के लिए लाइन में लगो
3. टीडीएस के लिए लाइन में लगो
4. एग्जाम की फी के लिए लाइन में लगो
5. स्कूल, हज के पैसे के लिए लाइन में लगो
6. फॉर्म 26 AS के लिए लाइन में लगो
7. किसान का ऋण के लिए लाइन में लगो
8. एग्जाम का पेपर भी कस्टडी में नही रखते
9. लाकर के लिए दूसरी ब्रांच में भेजते हैं
10. पेंशन फीड कराने के लिए लाइन में लगो
10. और अंत मे चाय भी नही पिलाते है
अभी भी काफी चीज बोली उन्होंने पर लिखा नही मैंने पर उनको बोला कि आपके इतने सारे कामो के लिए आपको शाखा में 1 या 2 ही आदमी मिलते होंगे, बैंक का असली काम पैसे लेना देना लोन देना है फिर भी एक बैंक कर्मचारी आपको सेवा देने के लिए दिन रात एक किये रहता है पर स्टाफ की कमी से सब काम नही हो पाते हैं ।
तभी एक बोला - बैंक में दिन भर का समय ले कर जाओ तब कुछ होता है इससे बढ़िया प्राइवेट वाले हैं तुरंत चाय पिलाते है और चाय खत्म उधर मेरा काम खत्म
अब मेरी बारी थी - आपको दिन भर का समय स्टाफ की कमी की वजह से लगता है , क्या कभी स्टाफ को आपने एकांत में चाय पीते देखा है, क्या आपने कभी नोटिस किया है एक कर्मचारी एक कप चाय के टोटल समय तक 5 ग्राहक तक निपटा लेता है , कुछ कर्मचारी तो घर का फ़ोन भी नही उठा पाते और 1 no भी 2 no के साथ करते हैं
तभी एक मित्र ने मुझे फेसबुक की sbi वाली न्यूज़ दिखाई और साथ ही वहाँ खड़े सब लोगो को बताया कि SBI ने 100 रिटायर्ड पर 75 ही नई भर्ती करेगा
इसे सुनकर वहाँ खड़े लोग तालिया बजाने लगे और कुछ ऐसी चीजें बोली जिसे लिख नहीं सकते हम यहाँ
उनका कहना अभी बहुत बोल रहे थे स्टाफ नही है अगर ऐसा होता तो भर्ती कम क्यो होती, रिटायर्ड आदमी ही अच्छे थे कम से कम पहले जाते थे काम तो हो जाता था और इतनी भीड़ भी नही रहती थी, तुम लोग मुफ्त की रोटी खाते हो बिना काम किये
बहुत अच्छा किया स्टाफ बहुत है 100 के बदले 1 भी भर्ती नही होनी चाहिए etc etc
मैं सोचने लगा ये SBI ने क्या किया, क्या वाकई में बैंक में बहुत स्टाफ है,थोड़ी देर के लिए दिमाग कही शून्य में चला गया और बार बार उन लोगो की एक एक बात दिमाग को कचोट रही थी, मैं कुर्सी में एक कोने न जाने कितनी देर तक बैठा रहा और यही सोचता रहा कि जो सच्चाई हमे दिख रही है क्या वो नही है, क्या स्टाफ इतने ज्यादा है जिसे कम करने की जरूरत है, क्या लोगो की मानसिकता अभी भी बैंक कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी बनी हुई है, क्या अपने घरों से दूर बैठ कर अपने दोस्तों यारो से बिछड़ कर ग्राहक सेवा करने पर भी यही सुनने को मिलता है
क्यो हम सम्मान के साथ नही जी सकते, क्या हमारे जितना काम कोई और विभाग करता है फिर क्यो लोग उन सभी को कुछ नही बोलते
चाहे सरकार हो, प्राइवेट वाले हो, सेना पुलिस, स्टूडेंट्स, पेंशन आम जनता सब बैंक वालो को ही क्यो कोसती है , मन इतना कुंठित हुआ कि एक कॉफी भी खत्म नही हुई और बिना भोजन के ही घर पर आ गए ।।
अब रात भर नींद तो आनी नही थी तो एक कॉफी बनाई रात के 1 बजे और सोचने लगा
एक बैंक वाला पिछले 3 4 सालो में
आधार बनाने लगा
गैस की सब्सिडी देखने लगा
पेंशन भरने लगा
26 AS देने लगा
एग्जाम का चालान बनाने लगा
और पता नही क्या क्या करने लगा अपने मूल काम छोड़ कर
फिर सोचा क्या इनकम टैक्स, टीचर, रेलवे , रोडवेज और अन्य सभी विभागों में भी स्टाफ की छटनी हो रही है क्या वहाँ भी काम का बोझ बढ़ा है और सबसे जरूरी क्या उनका वेतन एक बैंक कर्मचारी अधिकारी से कम है, क्या सप्ताह के 7 दिन वो काम करते है फिर बैंक वालों के साथ ऐसी ज़्यादती क्यो ??
अब इस फिगर पर भी गौर कर ले
एक रिटायर्ड आदमी का वेतन लगभग 1 लाख और नए कर्मचारी का वेतन लगभग 25000
अगर 100 आदमी का ही डेटा लेकर चले तो जो बैंक पहले वेतन पर 1लाख*100"= 1 करोड़ दे रही थी
नए कर्मचारियों को 25000*75= 18 लाख 75 हजार ही देगी
यानी शुद्ध मुनाफा 100 आदमी के वेतन पर 81लाख 25 हजार हुआ
नया 1 कर्मचारी 4 रिटायर्ड आदमी के बराबर भी काम करता है यानी 3 करोड़ 25 लाख का सुद्ध मुनाफा वेतन के नाम पर
चूंकि कर्मचारी नए है तो वो क्रॉस सेल्लिंग और ऊपर दिए काम भी तेजी से ही करेगा जिसका मुनाफा 1करोड़ 75लाख भी मान ले तो सब मिला कर
5 करोड़ का फायदा 100 आदमी के वेतन पर, पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री का हिसाब लगाइये फिर तो कुछ और ही फिगर आएगा
एक तरफ जहाँ महंगाई बढ़ रही जहाँ अन्य विभाग वेतन का बजट बढ़ा रहे वही बैंक में नाना प्रकार के क्रॉस सेल्लिंग अन्य विभागों के काम करने के बाद भी वेतन बढ़ाने की दूर की बात उसी में जबरदस्त कटौती की जा रही है
100 बैंक कर्मचारी के रिटायर्ड से बैंक को 5 करोड़ मिल रहे है
इसके बावजूद बैंक में डायरी कैलेंडर दीवाली पर मिलने वाला छोटा सा गिफ्ट हालटिंग और बहुत सी चीज कॉस्ट कटिंग के नाम पर बंद कर दी गयी है, इन्शुरन्स का कमीशन तो साधारण बैंक कर्मियों का आता ही नही है ,
इन सबके बावजूद भी बैंक घाटे में है, उसके पास वेतन देने के लिए पैसे नही है, उसे अन्य सरकारी विभागों के काम करने होंगे, उसे परिवार के पास रहने नही दिया जाएगा, उसे हर छुट्टियों के दिन बुलाया जाएगा और उसके ही वेतन से उसको बैंक के शेयर खरीदने पर मजबूर कर दिया जाएगा ।।
साहब जी हम जैसे लोगो को बैठा दो , इतने में तो तुरंत वेतन डबल करवा लाते और हा बैलेंस शीट में भी प्रॉफिट का फिगर बढ़वा कर आते
अगर मेरी बातों से सहमत हैं तो शेयर तब तक करते रहे जब तक एक आम ग्राहक बैंक कर्मचारियों की सच्चाई न जान ले
शायद ये खबर आप लोगो के पास आ गयी हो औऱ ये भी पता चल गया कम या थोड़ा ज्यादा कमोबेश सभी बैंकों में भर्तियां नही हो रही है, SBI बड़ा बैंक है इसलिए उसने ये न्यूज़ सार्वजनिक कर दी है ।।
अब अपना व्यक्तिगत अनुभव शेयर करते है, चूंकि शादियों का मौसम चल रहा है तो हम भी एक शादी में गए थे तो वहाँ देखा कुछ लोग बैंक वालो से बड़ा परेशान दिख रहे थे और अपना गुस्सा बैंक वालो पर ही उतार रहे थे तो हमने भी पूछ लिया भाई हुआ क्या समस्या तो बताओ तो भाई साहब खिशियाने वाले अंदाज में बोले और बूलेट ट्रेन से भी तेज रफ्तार में बोलने लगे,
एक काम नही करते ये बैंक वाले दिन भर एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टहलाते रहते हैं, मैं एक कर मैं परोसता हु आपको जैसे
1. आधार कार्ड लिंक के लिए लाइन में लगो
2. गैस सब्सिडी के लिए लाइन में लगो
3. टीडीएस के लिए लाइन में लगो
4. एग्जाम की फी के लिए लाइन में लगो
5. स्कूल, हज के पैसे के लिए लाइन में लगो
6. फॉर्म 26 AS के लिए लाइन में लगो
7. किसान का ऋण के लिए लाइन में लगो
8. एग्जाम का पेपर भी कस्टडी में नही रखते
9. लाकर के लिए दूसरी ब्रांच में भेजते हैं
10. पेंशन फीड कराने के लिए लाइन में लगो
10. और अंत मे चाय भी नही पिलाते है
अभी भी काफी चीज बोली उन्होंने पर लिखा नही मैंने पर उनको बोला कि आपके इतने सारे कामो के लिए आपको शाखा में 1 या 2 ही आदमी मिलते होंगे, बैंक का असली काम पैसे लेना देना लोन देना है फिर भी एक बैंक कर्मचारी आपको सेवा देने के लिए दिन रात एक किये रहता है पर स्टाफ की कमी से सब काम नही हो पाते हैं ।
तभी एक बोला - बैंक में दिन भर का समय ले कर जाओ तब कुछ होता है इससे बढ़िया प्राइवेट वाले हैं तुरंत चाय पिलाते है और चाय खत्म उधर मेरा काम खत्म
अब मेरी बारी थी - आपको दिन भर का समय स्टाफ की कमी की वजह से लगता है , क्या कभी स्टाफ को आपने एकांत में चाय पीते देखा है, क्या आपने कभी नोटिस किया है एक कर्मचारी एक कप चाय के टोटल समय तक 5 ग्राहक तक निपटा लेता है , कुछ कर्मचारी तो घर का फ़ोन भी नही उठा पाते और 1 no भी 2 no के साथ करते हैं
तभी एक मित्र ने मुझे फेसबुक की sbi वाली न्यूज़ दिखाई और साथ ही वहाँ खड़े सब लोगो को बताया कि SBI ने 100 रिटायर्ड पर 75 ही नई भर्ती करेगा
इसे सुनकर वहाँ खड़े लोग तालिया बजाने लगे और कुछ ऐसी चीजें बोली जिसे लिख नहीं सकते हम यहाँ
उनका कहना अभी बहुत बोल रहे थे स्टाफ नही है अगर ऐसा होता तो भर्ती कम क्यो होती, रिटायर्ड आदमी ही अच्छे थे कम से कम पहले जाते थे काम तो हो जाता था और इतनी भीड़ भी नही रहती थी, तुम लोग मुफ्त की रोटी खाते हो बिना काम किये
बहुत अच्छा किया स्टाफ बहुत है 100 के बदले 1 भी भर्ती नही होनी चाहिए etc etc
मैं सोचने लगा ये SBI ने क्या किया, क्या वाकई में बैंक में बहुत स्टाफ है,थोड़ी देर के लिए दिमाग कही शून्य में चला गया और बार बार उन लोगो की एक एक बात दिमाग को कचोट रही थी, मैं कुर्सी में एक कोने न जाने कितनी देर तक बैठा रहा और यही सोचता रहा कि जो सच्चाई हमे दिख रही है क्या वो नही है, क्या स्टाफ इतने ज्यादा है जिसे कम करने की जरूरत है, क्या लोगो की मानसिकता अभी भी बैंक कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी बनी हुई है, क्या अपने घरों से दूर बैठ कर अपने दोस्तों यारो से बिछड़ कर ग्राहक सेवा करने पर भी यही सुनने को मिलता है
क्यो हम सम्मान के साथ नही जी सकते, क्या हमारे जितना काम कोई और विभाग करता है फिर क्यो लोग उन सभी को कुछ नही बोलते
चाहे सरकार हो, प्राइवेट वाले हो, सेना पुलिस, स्टूडेंट्स, पेंशन आम जनता सब बैंक वालो को ही क्यो कोसती है , मन इतना कुंठित हुआ कि एक कॉफी भी खत्म नही हुई और बिना भोजन के ही घर पर आ गए ।।
अब रात भर नींद तो आनी नही थी तो एक कॉफी बनाई रात के 1 बजे और सोचने लगा
एक बैंक वाला पिछले 3 4 सालो में
आधार बनाने लगा
गैस की सब्सिडी देखने लगा
पेंशन भरने लगा
26 AS देने लगा
एग्जाम का चालान बनाने लगा
और पता नही क्या क्या करने लगा अपने मूल काम छोड़ कर
फिर सोचा क्या इनकम टैक्स, टीचर, रेलवे , रोडवेज और अन्य सभी विभागों में भी स्टाफ की छटनी हो रही है क्या वहाँ भी काम का बोझ बढ़ा है और सबसे जरूरी क्या उनका वेतन एक बैंक कर्मचारी अधिकारी से कम है, क्या सप्ताह के 7 दिन वो काम करते है फिर बैंक वालों के साथ ऐसी ज़्यादती क्यो ??
अब इस फिगर पर भी गौर कर ले
एक रिटायर्ड आदमी का वेतन लगभग 1 लाख और नए कर्मचारी का वेतन लगभग 25000
अगर 100 आदमी का ही डेटा लेकर चले तो जो बैंक पहले वेतन पर 1लाख*100"= 1 करोड़ दे रही थी
नए कर्मचारियों को 25000*75= 18 लाख 75 हजार ही देगी
यानी शुद्ध मुनाफा 100 आदमी के वेतन पर 81लाख 25 हजार हुआ
नया 1 कर्मचारी 4 रिटायर्ड आदमी के बराबर भी काम करता है यानी 3 करोड़ 25 लाख का सुद्ध मुनाफा वेतन के नाम पर
चूंकि कर्मचारी नए है तो वो क्रॉस सेल्लिंग और ऊपर दिए काम भी तेजी से ही करेगा जिसका मुनाफा 1करोड़ 75लाख भी मान ले तो सब मिला कर
5 करोड़ का फायदा 100 आदमी के वेतन पर, पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री का हिसाब लगाइये फिर तो कुछ और ही फिगर आएगा
एक तरफ जहाँ महंगाई बढ़ रही जहाँ अन्य विभाग वेतन का बजट बढ़ा रहे वही बैंक में नाना प्रकार के क्रॉस सेल्लिंग अन्य विभागों के काम करने के बाद भी वेतन बढ़ाने की दूर की बात उसी में जबरदस्त कटौती की जा रही है
100 बैंक कर्मचारी के रिटायर्ड से बैंक को 5 करोड़ मिल रहे है
इसके बावजूद बैंक में डायरी कैलेंडर दीवाली पर मिलने वाला छोटा सा गिफ्ट हालटिंग और बहुत सी चीज कॉस्ट कटिंग के नाम पर बंद कर दी गयी है, इन्शुरन्स का कमीशन तो साधारण बैंक कर्मियों का आता ही नही है ,
इन सबके बावजूद भी बैंक घाटे में है, उसके पास वेतन देने के लिए पैसे नही है, उसे अन्य सरकारी विभागों के काम करने होंगे, उसे परिवार के पास रहने नही दिया जाएगा, उसे हर छुट्टियों के दिन बुलाया जाएगा और उसके ही वेतन से उसको बैंक के शेयर खरीदने पर मजबूर कर दिया जाएगा ।।
साहब जी हम जैसे लोगो को बैठा दो , इतने में तो तुरंत वेतन डबल करवा लाते और हा बैलेंस शीट में भी प्रॉफिट का फिगर बढ़वा कर आते
अगर मेरी बातों से सहमत हैं तो शेयर तब तक करते रहे जब तक एक आम ग्राहक बैंक कर्मचारियों की सच्चाई न जान ले

