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Monday, December 17, 2018

" सरकारी नौकरी vs खुद का बिज़नेस और पेंशन की अनिवार्यता "

सरकारी नौकरी सुन कर ही एक सरकारी वाला रुतबा, ऐशो आराम, निश्चित तारीख पर तनख्वाह, काम करने का नियत समय, रविवार और छुट्टियां और सबसे महत्वपूर्ण बुढ़ापे में पेंशन का सहारा जैसी सुविधाएं मिलने की एक सुखद अनुभूति होती है,
शायद एक सरकारी नौकरी का यही क्रेज भी है , शायद देशहित के लिए सरकार के एक अंग के रूप में काम करने का अवसर मिलने की खुशी भी होती है, इसीलिए हर साल एक सरकारी नौकरी की चाहत में एक सीट के लिए लाखों उम्मीदवार होते है जो बेरोजगारी के चक्रव्यूह से खुद को निकाल कर सरकारी नौकरी पाना चाहते है,   इसका एक कारण जॉब सिक्योरिटी है तो दूसरा महत्वपूर्ण कारण रिटायर के बाद पेंशन का सहारा भी है जो खुद को बुढापे में भी स्वाभिमान से जीने की ताकत देता है ।।।

पर वर्तमान में क्या ये सारी चीजें रह गयी है एक सरकारी नौकरी में , क्या टार्गेट्स नाम के मकड़जाल ने सरकारी नौकरी को भी डस लिया है, क्या सरकारी नौकरी अब वो ही कर रहे है जिनके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है, क्या अब सरकार का एक अंग बन कर काम करने में वो आनंद नही आता जो हमारे बाप दादा बताया करते थे , जहाँ वेतन भले ही ज्यादा ना हो, जहाँ प्रमोशन भले ही काबिलियत पर ना हो फिर भी लोग सरकारी नौकरी को एक सम्मान की नजर से देखते थे क्या अब वो सब खत्म होता जा रहा है, अब तो पेंशन भी नही और  बुढ़ापे का सहारा वाला आसरा भी खत्म हो गया है ।।

अब एक बिज़नेस पर बात की जाए, एक बिज़नेस चाहे छोटा हो या बड़ा वो आपका खुद का होता है, उसमे आप स्वम के मालिक होते हैं, एक बिज़नेस मैन में अगर काबिलियत है तो उसके लिए बिल्कुल कहा जा सकता है
Sky is limit
अर्थात वो अपनी मेहनत से अपने बिज़नेस को किसी भी लेवल पर ले जा सकता है , जितना मेहनत उतना फायदा या यूं कहिये
नो रिस्क नो गेन
मोर रिस्क मोर गेन

कुछ लोग मेरी बात से इत्तफाक नही रखेंगे और कहेंगे क्या गारंटी है बिज़नेस चले तो उनसे पूछना चाहूंगा कि क्या गारन्टी है 10 साल परीक्षा देने के बाद भी सरकारी नौकरी में चयन हो, लाखो लोग जो तैयारी कर रहे थे सरकारी नौकरी की उनके चयन ना होने के लाखों उदाहरण होंगे
पर बिज़नेस करने में फेल होने वालों के हजारों से भी ज्यादा उदाहरण नही मिलेंगे।।

अब दूसरे पहलू पर आते है, हम आपने सरकारी नौकरी पाने के लिए बहुत मेहनत की, पढ़ाई की कोचिंग क्लासेस मोटी फीस, होस्टल में रहकर घर से दूर, तीज त्योहार होली दीपावली सब को भूल कर बस किसी तरह से एक सरकारी नौकरी मिल जाये उसके लिए जी जान मेहनत की और अंततः सफलता भी मिली पर .....

हमारी औलादों को क्या मिला, क्या हमारी मेहनत का 1% भी जब वो सरकारी नौकरी की परीक्षा देने आएंगे उन्हें फायदा मिलेगा ।।

जवाब है नही ..

उन्हें भी हमारी तरह जीरो से शुरू करना पड़ेगा सरकारी नौकरी के लिए और तब तक कम्पटीशन और भी बढ़ जाएगा ।।

इसके उलट एक बिज़नेस मैन अपनी औलादों को एक बिज़नेस खड़ा कर के जाता है और वो बिज़नेस जिसे उनकी औलाद बचपन से देख रही है , अब जब उनकी औलाद बिज़नेस की बागडोर संभालेंगी तो वो जीरो से नही बल्कि वहाँ से जहाँ उनके बाप दादा ने उसे छोड़ा था और निसंदेह वो उसे और आगे ही ले जाएगी ।।

टाटा, अम्बानी बिड़ला ऐसे बहुत उदाहरण है जिनकी संतानों ने अपने बाप दादा के बिज़नेस को बहुत आगे तक ले गए पर क्या कोई ऐसा सरकारी नौकरी वाला उदाहरण है जिनके बच्चो को अपने पापा के सरकारी नौकरी का फ़ायदा मिला हो और जीरो से शुरुआत ना करनी पड़ी हो, अगर हो कोई तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए ।।

मेरा यहाँ सरकारी नौकरी को कम और एक बिज़नेस को ज्यादा ऐसा कुछ दिखाने का उद्देश्य नहीं है, सब की प्राथमिकता अलग है और अपनी प्राथमिकता और उपलब्धता के अनुसार ही लोग सरकारी नौकरी या बिज़नेस करने का चयन करते है

पर वर्तमान में जिस तरह से सरकारी नौकरी करने वालो को उनके काम के अलावा अन्य विभागों या दूसरे लोगो के काम कराए जा रहे हैं, जहाँ टार्गेट्स के नाम पर ट्रांसफर, हररेशमेंट और वेतन रोकने की कोशिश की जा रही है, जहां काम करने वालो से ज्यादा चापलूसी करने वालो की सुनवाई हो रही हो, जहाँ महिला कर्मचारियों को देर तक कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा हो, जहाँ बन्द AC कमरे में बनने वाली योजनाओं को पूरा करने का दबाव पैदा किया जाता हो और ना पूरी हो सकने वाली योजनाओं का पूरा दोष सरकारी कर्मियों पर मढ़ दिया जाता हो

और अब तो पेंशन बन्द करके आखिरी बुढ़ापे का सहारा भी बंद कर दिया गया हो ।। आखिर क्यों ???

जैसा कि सब जानते है सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी के उम्मीदवार उत्तर प्रदेश बिहार से आते है बाकी प्रदेशों के लोग बिज़नेस करने को प्राथमिकता देने लगे है , अगर UP, बिहार वाले भी बिज़नेस करने लगे तो ...

आखिर वो कौन सी वजह है अब जिसके लिए सरकारी नौकरी लोगो की पहली पसंद होगी ??

कृपया बेरोजगारी को छोड़ कर और कोई भी अन्य वजह हो सरकारी नौकरी करने की तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ।।।
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