असल मे वेतन बढ़ोतरी एक दिखावा है और IBA और यूनियन की चाल में एक आम बैंकर पिस रहा है ।। आइये देखते है कैसे ...
मान लो 15 20 दिन की स्ट्राइक तो होगी 3 साल में यानी अगर किसी की तनख्वाह 30000 है तो Rs 20000 उसका कट गया होगा , स्ट्राइक वाले दिनों का officiating, पेट्रोल etc नही मिलता तो उसका भी 5000 जोड़ लो
100 रुपया महीना देते हो तो 3 साल में 3600 रुपया हो गया मंथली यूनियन फी बाकी 3 साल में 1400 रुपया कॉन्फ्रेंस मीटिंग धरना के नाम पर दे ही देते हो तो ये हो गया कुल 5000 ..
अब 30000 पर 12% मान लो 3600 जिसमे 10% PF में गया तो एरियर के रूप में कुल जमा हुआ लगभग 116640 अब इसका 5 से 10% यूनियन वाले लेवी लेंगे तो हो गया Rs 11664
तो बात ये हुई कि इन 3 सालो के बाद वेतन बढ़ा 12% और तब तक आपने यूनियन को 20000+5000+5000+ 11664 = 41664 हो गया लगभग जो कि 116640 में माइनस करने के बाद लगभग 75000 ही बचा ।। अरे इसमे इनकम टैक्स तो जोड़ा नही जो शायद 20% लग जायेगा नई स्लैब में
अब अगर यही 12% ही मिलना था और वेतन समझौता पहले से मिल जाती और आप 3600 को RD ही ओपन कर देते तो तो 3 साल बाद कितना होता जरूर बताइयेगा...
इतना तो पक्का है इससे कही ज्यादा फायदा होता फिर ये जो नौटंकी चल रही है यूनियन की वो आखिर क्यों ???
मान लो 15 20 दिन की स्ट्राइक तो होगी 3 साल में यानी अगर किसी की तनख्वाह 30000 है तो Rs 20000 उसका कट गया होगा , स्ट्राइक वाले दिनों का officiating, पेट्रोल etc नही मिलता तो उसका भी 5000 जोड़ लो
100 रुपया महीना देते हो तो 3 साल में 3600 रुपया हो गया मंथली यूनियन फी बाकी 3 साल में 1400 रुपया कॉन्फ्रेंस मीटिंग धरना के नाम पर दे ही देते हो तो ये हो गया कुल 5000 ..
अब 30000 पर 12% मान लो 3600 जिसमे 10% PF में गया तो एरियर के रूप में कुल जमा हुआ लगभग 116640 अब इसका 5 से 10% यूनियन वाले लेवी लेंगे तो हो गया Rs 11664
तो बात ये हुई कि इन 3 सालो के बाद वेतन बढ़ा 12% और तब तक आपने यूनियन को 20000+5000+5000+ 11664 = 41664 हो गया लगभग जो कि 116640 में माइनस करने के बाद लगभग 75000 ही बचा ।। अरे इसमे इनकम टैक्स तो जोड़ा नही जो शायद 20% लग जायेगा नई स्लैब में
अब अगर यही 12% ही मिलना था और वेतन समझौता पहले से मिल जाती और आप 3600 को RD ही ओपन कर देते तो तो 3 साल बाद कितना होता जरूर बताइयेगा...
इतना तो पक्का है इससे कही ज्यादा फायदा होता फिर ये जो नौटंकी चल रही है यूनियन की वो आखिर क्यों ???

