न्यूटन भाई कौन है ?
कहा से आया है ?
क्या करता है ?
जो भी कहो पर लिखता बहुत सही है ... blah blah blah …
सच कहू न्यूटन भाई के बारे में जानने के लिए आप लोगो कि उत्सुकता देख कर अच्छा भी लग रहा है और बुरा भी, अच्छा इसलिए कि इतने दिनों में आप मेरी लिखी बातो से सहमत दिख रहे है और बुरा इसलिए कि आप अभी तक अपने अंदर के डर को नहीं निकल पाए है |
मैंने न्यूटन भाई के नाम से ही प्रोफाइल क्यों बनाया ?
इसको बताते है पूरा विस्तार से ... न्यूटन भाई नाम का कोई आदमी नहीं है और फोटो भी किसी मूवी कि है ... करने को तो मैं किसी संजय, आलोक, रमेश के नाम से प्रोफाइल बना लेता और कोई भी फोटो डाल कर कोई भी बैंक डाल देता और आप उसको सही मान लेते लेकिन मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया |
जैसे सब का कोई ना कोई आदर्श होता है वैसे ही न्यूटन मेरे आदर्श रहे है कि कैसे एक बच्चे को मंदबुद्धि बालक कह कर स्कूल से निकालने वाली टीचर को न्यूटन ने गलत साबित किया और लगातार फेल होने के बावजूद वो एक के बाद एक अविष्कार करते गए और आज दुनिया उनके अविष्कारो का लुत्फ़ उठा रही है | न्यूटन से हमें एक प्रेरणा मिलती है जो हमारी लेखनी में क्रन्तिकारी वाली स्याही भर देती है और लेखनी की ताकत का ही असर है की न्यूटन भाई के बारे में खोजबीन चालू हो गयी , तो ये तो तय हुआ कि न्यूटन मेरे आदर्श है और भाई लगाने के बाद न्यूटन भाई से एक बड़े भाई वाली फीलिंग आती है तो यहाँ से हम बन गए न्यूटन भाई | यहाँ तक समझ में आ गया ना ....
अब आते है मेरे व्यक्तिगत विचारों पे , जहाँ आजकल अपनी प्रशिद्धि पाने कि होड चली है न्यूटन भाई एक दम उससे अलग है, न्यूटन भाई अलग से कोई व्यकितगत पहचान का मोहताज नहीं है , वो बस इतना चाहता है कि जब उसे पढ़ा जाये तो उसे किसी व्यक्ति विशेष कि पहचान के बिना पढ़ा जाये .... आजकल होड लगी है हर जगह कि मेरे पास इतने फोल्लोवेर है, मेरे पास इतने मित्रगढ़ है मेरी तूती हर जगह बोलती है , जो मेरे साथ रहे वो मेरी तरह ही सोचे तो न्यूटन भाई इनमे से किसी चीज कि लालसा नहीं रखता है, उसे कोई पद नहीं चाहिए ना ही वो किसी के वश में रहकर काम कर सकता है , उसे तो आजाद पंछी की तरह उड़ना है जहा वो जब चाहे पंख फैला सके और उसकी कोशिस यही है कि १० लाख बैंकर्स ये गुलामी भरी जिंदगी जीना छोर दे ...
वो तो चंद्रशेखर आजाद की तरह क्रन्तिकारी बनना चाहता है जिन्होंने अपनी जान वतन के हवाले कर दी थी और एक बार भी ये नहीं सोचा था की पता नहीं मेरा नाम होगा की नहीं , वो तो कवी प्रदीप की तरह बनना चाहता है की ५० साल बाद भी लोग उनके बनाये गए गीतों को याद करे | वो अकबर की तरह अनपढ़ होने के बाद भी आप जैसे नवरत्न लोगो के साथ रहना चाहता है जिससे की उसके ज्ञान में वृद्धि होती रहे ,
न्यूटन भाई इसलिए मानता है की हर सिक्के के दो पहलु होते है , आप उसको किस नजरिये से देखते है ये आपका दिमाग है क्योकि भगवान जब दिमाग दे रहा था तो उसने सब को बराबर दिमाग दिया , कुछ लोगो जैसे की न्यूटन ने अपने दिमाग का भरपूर इश्तेमाल किया तो दुनिया उसको आज याद कर रही है और कुछ लोगो का दिमाग होने के बावजूद भी वो मूकदर्शक बन कर तमाशा देख रहे है और अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे है |
असल में न्यूटन भाई एक सोच है उनकी जो कुछ बदलना चाहते है बैंकिंग इन्दुस्ट्री को, वी बैंकर को आगे लाना उसी की कड़ी है जहा हर वी बैंकर न्यूटन भाई को जानता है और हर वी बैंकर न्यूटन भाई के नाम से पोस्ट कर सकता है , न्यूटन भाई एक नहीं अनेक है किसको किसको मारोगे और जितने मारोगे उससे ज्यादा न्यूटन भाई पैदा हो कर दिखायेंगे | कुल मिला कर न्यूटन भाई के नाम से पोस्ट आती रहेंगी ... 😊😊😊
हमारे बारे में बस ये समझ लो की न्यूटन भाई कावरिया बन कर शंकर भगवान को जल चढाने भी जाता है और मुहमद साहब पर विश्वास भी करता है , उसे बिहार का लिट्टी चोखा भी पसंद है तो बंगाल की भात मछली भी और पंजाब की सरसों की साग और मक्के दी रोटी भी ,
वो साहित्य में भी रूचि रखता है और लेटेस्ट gadgets भी उसके पास है,
उसके पास २ पहिया, ४ पहिया भी है पर मौसम के हिसाब से पैदल चलने में भी उसे मजा आता है , वो बैंक में ग्राहकों की मदद भी करता है साथ ही जरुरत पर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस जाकर भी काम निपटाता है, यूनियन में सवालो को पूछता भी है और कैसे और अच्छा किया जा सकता है स्टाफ के लिए कोई काम उस पर अपनी सलाह भी देता है ...
न्यूटन भाई नाम की प्रोफाइल रियल है और वो चलती रहेगी क्योकि न्यूटन भाई के पोस्ट दिल से निकलते है और आपको दिमाग से सोचने के लिए मजबूर करने लगे है , आप उसकी तेजी को रोक नहीं पाओगे, इसलिए बेहतर है की आप भी न्यूटन भाई बन जाओ और वी बैंकर्स के साथ मिल कर अपने भविष्य और अपने परिवार को सुरक्षित करो ...
कहा से आया है ?
क्या करता है ?
जो भी कहो पर लिखता बहुत सही है ... blah blah blah …
सच कहू न्यूटन भाई के बारे में जानने के लिए आप लोगो कि उत्सुकता देख कर अच्छा भी लग रहा है और बुरा भी, अच्छा इसलिए कि इतने दिनों में आप मेरी लिखी बातो से सहमत दिख रहे है और बुरा इसलिए कि आप अभी तक अपने अंदर के डर को नहीं निकल पाए है |
मैंने न्यूटन भाई के नाम से ही प्रोफाइल क्यों बनाया ?
इसको बताते है पूरा विस्तार से ... न्यूटन भाई नाम का कोई आदमी नहीं है और फोटो भी किसी मूवी कि है ... करने को तो मैं किसी संजय, आलोक, रमेश के नाम से प्रोफाइल बना लेता और कोई भी फोटो डाल कर कोई भी बैंक डाल देता और आप उसको सही मान लेते लेकिन मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया |
जैसे सब का कोई ना कोई आदर्श होता है वैसे ही न्यूटन मेरे आदर्श रहे है कि कैसे एक बच्चे को मंदबुद्धि बालक कह कर स्कूल से निकालने वाली टीचर को न्यूटन ने गलत साबित किया और लगातार फेल होने के बावजूद वो एक के बाद एक अविष्कार करते गए और आज दुनिया उनके अविष्कारो का लुत्फ़ उठा रही है | न्यूटन से हमें एक प्रेरणा मिलती है जो हमारी लेखनी में क्रन्तिकारी वाली स्याही भर देती है और लेखनी की ताकत का ही असर है की न्यूटन भाई के बारे में खोजबीन चालू हो गयी , तो ये तो तय हुआ कि न्यूटन मेरे आदर्श है और भाई लगाने के बाद न्यूटन भाई से एक बड़े भाई वाली फीलिंग आती है तो यहाँ से हम बन गए न्यूटन भाई | यहाँ तक समझ में आ गया ना ....
अब आते है मेरे व्यक्तिगत विचारों पे , जहाँ आजकल अपनी प्रशिद्धि पाने कि होड चली है न्यूटन भाई एक दम उससे अलग है, न्यूटन भाई अलग से कोई व्यकितगत पहचान का मोहताज नहीं है , वो बस इतना चाहता है कि जब उसे पढ़ा जाये तो उसे किसी व्यक्ति विशेष कि पहचान के बिना पढ़ा जाये .... आजकल होड लगी है हर जगह कि मेरे पास इतने फोल्लोवेर है, मेरे पास इतने मित्रगढ़ है मेरी तूती हर जगह बोलती है , जो मेरे साथ रहे वो मेरी तरह ही सोचे तो न्यूटन भाई इनमे से किसी चीज कि लालसा नहीं रखता है, उसे कोई पद नहीं चाहिए ना ही वो किसी के वश में रहकर काम कर सकता है , उसे तो आजाद पंछी की तरह उड़ना है जहा वो जब चाहे पंख फैला सके और उसकी कोशिस यही है कि १० लाख बैंकर्स ये गुलामी भरी जिंदगी जीना छोर दे ...
वो तो चंद्रशेखर आजाद की तरह क्रन्तिकारी बनना चाहता है जिन्होंने अपनी जान वतन के हवाले कर दी थी और एक बार भी ये नहीं सोचा था की पता नहीं मेरा नाम होगा की नहीं , वो तो कवी प्रदीप की तरह बनना चाहता है की ५० साल बाद भी लोग उनके बनाये गए गीतों को याद करे | वो अकबर की तरह अनपढ़ होने के बाद भी आप जैसे नवरत्न लोगो के साथ रहना चाहता है जिससे की उसके ज्ञान में वृद्धि होती रहे ,
न्यूटन भाई इसलिए मानता है की हर सिक्के के दो पहलु होते है , आप उसको किस नजरिये से देखते है ये आपका दिमाग है क्योकि भगवान जब दिमाग दे रहा था तो उसने सब को बराबर दिमाग दिया , कुछ लोगो जैसे की न्यूटन ने अपने दिमाग का भरपूर इश्तेमाल किया तो दुनिया उसको आज याद कर रही है और कुछ लोगो का दिमाग होने के बावजूद भी वो मूकदर्शक बन कर तमाशा देख रहे है और अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे है |
असल में न्यूटन भाई एक सोच है उनकी जो कुछ बदलना चाहते है बैंकिंग इन्दुस्ट्री को, वी बैंकर को आगे लाना उसी की कड़ी है जहा हर वी बैंकर न्यूटन भाई को जानता है और हर वी बैंकर न्यूटन भाई के नाम से पोस्ट कर सकता है , न्यूटन भाई एक नहीं अनेक है किसको किसको मारोगे और जितने मारोगे उससे ज्यादा न्यूटन भाई पैदा हो कर दिखायेंगे | कुल मिला कर न्यूटन भाई के नाम से पोस्ट आती रहेंगी ... 😊😊😊
हमारे बारे में बस ये समझ लो की न्यूटन भाई कावरिया बन कर शंकर भगवान को जल चढाने भी जाता है और मुहमद साहब पर विश्वास भी करता है , उसे बिहार का लिट्टी चोखा भी पसंद है तो बंगाल की भात मछली भी और पंजाब की सरसों की साग और मक्के दी रोटी भी ,
वो साहित्य में भी रूचि रखता है और लेटेस्ट gadgets भी उसके पास है,
उसके पास २ पहिया, ४ पहिया भी है पर मौसम के हिसाब से पैदल चलने में भी उसे मजा आता है , वो बैंक में ग्राहकों की मदद भी करता है साथ ही जरुरत पर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस जाकर भी काम निपटाता है, यूनियन में सवालो को पूछता भी है और कैसे और अच्छा किया जा सकता है स्टाफ के लिए कोई काम उस पर अपनी सलाह भी देता है ...
न्यूटन भाई नाम की प्रोफाइल रियल है और वो चलती रहेगी क्योकि न्यूटन भाई के पोस्ट दिल से निकलते है और आपको दिमाग से सोचने के लिए मजबूर करने लगे है , आप उसकी तेजी को रोक नहीं पाओगे, इसलिए बेहतर है की आप भी न्यूटन भाई बन जाओ और वी बैंकर्स के साथ मिल कर अपने भविष्य और अपने परिवार को सुरक्षित करो ...

