हो सकता है कल को कोई न्यूज़पेपर आपको भी कहे
गौर से देखिये इस बैंक वाले को , इसी ने कोरोना फैलाया है वरना कोरोना तो आराम से सो रहा था और आपने बैंक खोल कर उसे बुलाया की आओ और मुझे कोरोना पॉजिटिव करो ।
ऐसी घटिया पत्रकारिता इस संवेदनशील मुद्दे पर इससे घटिया नही हो सकती है ।। आपकी पत्रकारिता इस बात को साबित कर रही ही कि जैसे इस बैंक के स्टाफ ने सब कुछ जानने के बावजूद अपनी शाखा खोली , जिस कारण सबसे पहले नोटो के माध्यम या अन्य माध्यम से ये खुद संक्रमित हुआ उसके बाद स्टाफ को किया
और फिर ग्राहको को कर रहा है ।।
न्यूजपेपर वालो तुमको शर्म नही आती है ऐसी पत्रकारिता करते हो ।। क्या तुम्हें We Bankers और 14 लाख बैंकर्स का प्रयास नही दिखता
क्या इस आधुनिक टेक्नोलॉजी के समय मे तुम्हें बैंकर्स का ट्विटर ट्रेंड नही दिखता जहां पर बैंकर्स बहुत पहले से खुद के कोरोना पोसिटिव होने का अंदेशा जता रहे है
फिर भी तुम्हारे न्यूजपेपर ने हॉटस्पॉट एरिया में भी बैंक खुला ये नही दिखाया , क्यो क्या कोरोना बैंक में नही घुसेगा
पर अब समझ मे आया तुम अगर उस समय विरोध करते तो आज एक बैंकर जो दूसरों की गलती से और अपनी नौकरी करते हुए कोरोना पोसिटिव हुआ उसका मजाक नही बनाते ।।
शर्म है तुम जैसे पत्रकारों पर जो रिपोर्टिंग करने के नाम पर न्यूज़ में मसाला लगाने का काम करते है ।।
जो कोरोना पोसिटिव हुए उनके जो भी कारण है पर ध्यान से सुन लो पत्रकार एक बैंक वाला ग्राहको को सेवा देने
नोटों का लेनदेन करने
और पब्लिक डीलिंग के कारण संक्रमित हो रहा है ।।
अगली बार हिम्मत हो तो किसी बैंक की शाखा में जाकर रिपोर्टिंग करना तब पता चलेगा जहाँ सब कोरोना से बच रहे है
बैंक वाला खुद को हर मिनट मौत के वायरस के साथ खेल रहा है ।।
सम्मान नही दे सकते तो अपमान करने का हक तुमको किसने दिया ।।
गौर से देखिये इस बैंक वाले को , इसी ने कोरोना फैलाया है वरना कोरोना तो आराम से सो रहा था और आपने बैंक खोल कर उसे बुलाया की आओ और मुझे कोरोना पॉजिटिव करो ।
ऐसी घटिया पत्रकारिता इस संवेदनशील मुद्दे पर इससे घटिया नही हो सकती है ।। आपकी पत्रकारिता इस बात को साबित कर रही ही कि जैसे इस बैंक के स्टाफ ने सब कुछ जानने के बावजूद अपनी शाखा खोली , जिस कारण सबसे पहले नोटो के माध्यम या अन्य माध्यम से ये खुद संक्रमित हुआ उसके बाद स्टाफ को किया
और फिर ग्राहको को कर रहा है ।।
न्यूजपेपर वालो तुमको शर्म नही आती है ऐसी पत्रकारिता करते हो ।। क्या तुम्हें We Bankers और 14 लाख बैंकर्स का प्रयास नही दिखता
क्या इस आधुनिक टेक्नोलॉजी के समय मे तुम्हें बैंकर्स का ट्विटर ट्रेंड नही दिखता जहां पर बैंकर्स बहुत पहले से खुद के कोरोना पोसिटिव होने का अंदेशा जता रहे है
फिर भी तुम्हारे न्यूजपेपर ने हॉटस्पॉट एरिया में भी बैंक खुला ये नही दिखाया , क्यो क्या कोरोना बैंक में नही घुसेगा
पर अब समझ मे आया तुम अगर उस समय विरोध करते तो आज एक बैंकर जो दूसरों की गलती से और अपनी नौकरी करते हुए कोरोना पोसिटिव हुआ उसका मजाक नही बनाते ।।
शर्म है तुम जैसे पत्रकारों पर जो रिपोर्टिंग करने के नाम पर न्यूज़ में मसाला लगाने का काम करते है ।।
जो कोरोना पोसिटिव हुए उनके जो भी कारण है पर ध्यान से सुन लो पत्रकार एक बैंक वाला ग्राहको को सेवा देने
नोटों का लेनदेन करने
और पब्लिक डीलिंग के कारण संक्रमित हो रहा है ।।
अगली बार हिम्मत हो तो किसी बैंक की शाखा में जाकर रिपोर्टिंग करना तब पता चलेगा जहाँ सब कोरोना से बच रहे है
बैंक वाला खुद को हर मिनट मौत के वायरस के साथ खेल रहा है ।।
सम्मान नही दे सकते तो अपमान करने का हक तुमको किसने दिया ।।


