सबसे पहले न्यूटन भाई का सभी बैंक कर्मचारियों और सभी भारतवासियों को नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं ।।
आखिर 2018 भी चला गया , जहाँ कल 31 dec की शाम को लोग नए वर्ष के स्वागत के लिए तमाम तरह के आयोजन कर रहे थे, वहीं एक बैंक कर्मचारी क्लोजिंग होने के कारण देर तक BGL की एंट्री ही सही कर रहा था, घर आने पर जहाँ TV जिस पर बच्चो का ही कब्जा होता है वो भी आज दिख नही रहे थे , धर्मपत्नी ने बताया कि शर्मा जी के लड़के बहु सब लोग आए हैं तो वो आज रात कुछ गाना बजाना करने वाले है तो बच्चे लोग वही गए है , बरहलाल हाथ मुँह धो कर बहुत दिनों बाद TV मिली तो न्यूज़ चैनल लगाया तो उस पर 2018 की सभी महत्वपूर्ण न्यूज़ को दिखा रहे थे तो लगा जैसे साल भर नही देख पाए तो क्या आज ही देख लेते है और मन ही मन दिमाग मे यही ख्याल आने लगा चलो अच्छा है पूरे साल की न्यूज़ 1 घंटे में मिल जा रही है , फिर तुरंत याद आया ऐ भाई तू बैंकर है रजनीकांत नही वो भी इतना बिजी नही रहता होगा जितना तू है ।।
चाय के साथ आज समोसा था पर ठंडा हो गया था, पर गलती मेरी ही तो थी आधे घंटे कह कर 3 घंटे बाद बैंक से जो घर आया था ।। खाना आज मेरी पसंद का बना था और बच्चो संग खाना खा कर सोने ही जा रहे थे तो शर्मा जी के बच्चे आये की अरे आइये भैया नया वर्ष हम सब लोग मिल कर साथ मनाएंगे , बच्चो को देखा रजाई से वो भी झाक रहे थे कि कब मौका मिले और पहुँच जाए
अब बात हम ताल नहीं पाए और बच्चो संग पहुँच गए लेकिन ये क्या वहाँ तो पूरा माहौल बना था और हम लोअर में बाल तेरे मेढ़े किये जा रहे थे तुरंत डबल स्फूर्ति से हम घर आये और अपनी ब्रांडेड शर्ट जीन्स निकाली और फिर ठंडी में गर्मी का अहसास कराने पहुँच गए ।।
बहुत दिनों बाद कुछ देर के लिए लगा क्या 2018 के जाने की खुशी है या फिर दोस्तो यारो परिवार के साथ रहने का फायदा जो ठंड सर्दी में भी गर्मी का अहसास दिला रहा , 1 बजे तक धमाल पार्टी चली खूब सेल्फ़ी खूब नागिन डांस हुआ और काफी दिनों बाद सुकून भरी नींद आयी।।
आज 1 जनवरी का दिन सुबह सुबह से ही रिश्तेदारों के फोन व्हाट्सएप मैसेज फ़ेसबुक पर रिप्लाई के साथ दही जलेबी और फिर कब पकौड़ी चाय हो गयी पता ही नही चला, बैठे बैठे हमने आज शाम का प्रोग्राम भी बना लिया था और रोमांटिक अंदाज में पत्नी जी को बता ही रहे थे तो कहने लगी अरे हमने बहुत देखी है बैंक वालो का वादा , घर वालो का तो करते नही पता नही ग्राहकों को कैसे संतुष्ट करते है ।।
सच बताऊं ये बात लग गयी दिल पे और बोल भी दिया जानेमन 19 वा लग गया है अब तो तुम्हे बैंक वालो पर भरोसा करना ही पड़ेगा और शाम को 5 बजे तैयार रहना ये कह कर कार उठायी और चल दिया आफिस ।।
आज सुबह की हीरोपंती में थोड़ा सा लेट हो गए ऑफिस पहुँचने में , बरहलाल सबको नव वर्ष की शुभकामनाएं दी (और साथ मे कैडबरी वाली चॉकलेट और टॉफी जिसे लेने में ही हो गयी थी थोड़ी लेट) शाखा प्रबंधक महोदय को भी हमने देना चाहा पर उनका जवाब क्या ये बच्चो वाले काम करते हो और ये लेट क्यो हुए बताओ ये सब देकर अपनी गलती को छुपाना चाहते हो !!@!!!
हमने भी कह दिया तुरंत साफ साफ बोलिये तो चले जाएं वापस घर
CL बची है लगा देना वैसे भी साल के पहले दिन हम कोई बकैती नही करना चाहते और सुनिए आज 4 बजे हम चले जायेंगे आफिस से जो काम हो अभी दे देना वरना बाद में ...
शाखा प्रबंधक हड़बड़ाते हुए, अरे भाई ठीक है ठीक है चले जाना शाम को और हा ये चॉकलेट दे दो ।। केबिन से बाहर निकला तो सच मे लगा अरे इतना बोल कैसे लिया पर फिर लगा क्या गलत ही बोला ।।
दिन भर काम के साथ ग्राहकों से भी नए वर्ष की शुभकामनाओ का आदान प्रदान और एक नए जोश के साथ काम किया और साथियों को भी नए वर्ष पर परिवार के साथ रहने की सलाह दिया, देखते ही देखते लंच हो गया और इधर मेरा काम भी खत्म , 3:45 पर मैं शाखा प्रबंधक से पूछने गया कि कोई काम तो नही उससे पहले ही वो काम तो बहुत है, एटीएम कंप्लेन, bgl रेक्टिफिकेशन, NPA लिस्ट blah blah blah
इधर वो नॉन स्टॉप बोल ही रहे थे तब तक हम एक बार औऱ बोले हैप्पी न्यू ईयर अगेन सर् और बैग उठाये और साथियों को हाथ हिला कर बोले चलता हूं ,
अभी कार निकाले ही थे कि शुक्ला जी आते दिखे बता रहे थे कि आपके जाने के बाद BM केबिन से बाहर आकर चिल्ला रहे थे बताओ इतना काम है और वो निकल गया बिना बताए
तो हमने पूछा फिर,
तो शुक्ला जी बोले तो क्या हम भी निकल लिए और बाकी लोग भी पीछे पीछे आ रहे है , सच मे ऐसा लग रहा था पहले कुछ गलत किया पर अब सच मे बहादुरी वाला काम लग रहा था, काम पेंडिंग तो वैसे भी 8 बजे तक रुकने से रहता था तो आज भी रहेगा तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगा ।।
रास्ते से ही हमने फ़ोन कर दिया कि रेडी रहना आ रहे है विस्वास तो पत्नी जी को बिल्कुल नही हुआ पर उनको मेरी 19 वाली बात शायद दिल मे समा गई थी और बच्चो के साथ गेट पर तैयार मिली,
हम लोग थोड़ी ही देर मे पार्क बच्चो के संग पहुँच गए , गुब्बारे पॉपकॉर्न हम लोगो ने लिया उधर बच्चो ने पार्क में ही बैडमिंटन चुपम छुपाई की टीम ही बना ली थी , हम लोगो ने खूब सारी फ़ोटो खींची , टिकिया फुल्की चाउमीन पॉव भाजी खाया और पहुँच गए PVR में सिम्बा देखने और उसके बाद रेस्टोरेंट में लाइट डिनर और न्यू ईयर की छोटी सी पार्टी में ठुमके वुमके फ़ोटो शोतो , हो हल्ला मस्ती , और इन सबके बाद घर वापसी
पत्नी जी ने आज काफी दिन बाद कहा ये बैंक वाला तो बदल गया पूरी तरह से और वादा पूरा करके दिखा दिया 19 में मुझे तो यही बैंक वाला चाहिए था और मैंने महसूस किया कि बैंक वाले पर इस रोमांस का दबाव पूरे चरम पर चढ़ रहा था और रात तो अभी पूरी बाकी थी, इधर पीछे की सीट पर देखा बच्चे थक कर सो गए थे और घर भी आ गया था ।।।
अंत मे यही कहना चाहता हूं कि साल का पहला दिन बैंक की नौकरी के साथ परिवार संग मेरा बहुत अच्छा रहा और जो पहले थोड़ा अफसोस हुआ था BM के पेंडिंग वर्क उस पर भी कोई अफसोस नही रहा क्योंकि रोज तो पेंडिंग ही रहता था और कौन सा वो रोज खुश होता था पर आज जो परिवार संग लम्हा बिताया वो मेरी जिंदगी के महत्वपूर्ण पलो में से एक था , कई सालों से बैंकिंग में इतना तल्लीन हो गया था कि परिवार से दूर होता जा रहा था पर आज इस नए साल के पहले दिन से मैं वचन देता हूँ कि अपनी बैंकिंग जिम्मेदारी करते हुए अपने परिवार पर भी विशेष ध्यान दूँगा और बैंक द्वारा घोषित छुट्टी के दिन कभी बैंक संबंधित कार्य नही करूँगा ।। वो दिन केवल और केवल मेरे परिवार और मेरे दोस्तों का है ।।
नए साल में मेरा यही संकल्प (Resolution 2019) है और आपका क्या है जरूर कमेंट बॉक्स में बताए
आखिर 2018 भी चला गया , जहाँ कल 31 dec की शाम को लोग नए वर्ष के स्वागत के लिए तमाम तरह के आयोजन कर रहे थे, वहीं एक बैंक कर्मचारी क्लोजिंग होने के कारण देर तक BGL की एंट्री ही सही कर रहा था, घर आने पर जहाँ TV जिस पर बच्चो का ही कब्जा होता है वो भी आज दिख नही रहे थे , धर्मपत्नी ने बताया कि शर्मा जी के लड़के बहु सब लोग आए हैं तो वो आज रात कुछ गाना बजाना करने वाले है तो बच्चे लोग वही गए है , बरहलाल हाथ मुँह धो कर बहुत दिनों बाद TV मिली तो न्यूज़ चैनल लगाया तो उस पर 2018 की सभी महत्वपूर्ण न्यूज़ को दिखा रहे थे तो लगा जैसे साल भर नही देख पाए तो क्या आज ही देख लेते है और मन ही मन दिमाग मे यही ख्याल आने लगा चलो अच्छा है पूरे साल की न्यूज़ 1 घंटे में मिल जा रही है , फिर तुरंत याद आया ऐ भाई तू बैंकर है रजनीकांत नही वो भी इतना बिजी नही रहता होगा जितना तू है ।।
चाय के साथ आज समोसा था पर ठंडा हो गया था, पर गलती मेरी ही तो थी आधे घंटे कह कर 3 घंटे बाद बैंक से जो घर आया था ।। खाना आज मेरी पसंद का बना था और बच्चो संग खाना खा कर सोने ही जा रहे थे तो शर्मा जी के बच्चे आये की अरे आइये भैया नया वर्ष हम सब लोग मिल कर साथ मनाएंगे , बच्चो को देखा रजाई से वो भी झाक रहे थे कि कब मौका मिले और पहुँच जाए
अब बात हम ताल नहीं पाए और बच्चो संग पहुँच गए लेकिन ये क्या वहाँ तो पूरा माहौल बना था और हम लोअर में बाल तेरे मेढ़े किये जा रहे थे तुरंत डबल स्फूर्ति से हम घर आये और अपनी ब्रांडेड शर्ट जीन्स निकाली और फिर ठंडी में गर्मी का अहसास कराने पहुँच गए ।।
बहुत दिनों बाद कुछ देर के लिए लगा क्या 2018 के जाने की खुशी है या फिर दोस्तो यारो परिवार के साथ रहने का फायदा जो ठंड सर्दी में भी गर्मी का अहसास दिला रहा , 1 बजे तक धमाल पार्टी चली खूब सेल्फ़ी खूब नागिन डांस हुआ और काफी दिनों बाद सुकून भरी नींद आयी।।
आज 1 जनवरी का दिन सुबह सुबह से ही रिश्तेदारों के फोन व्हाट्सएप मैसेज फ़ेसबुक पर रिप्लाई के साथ दही जलेबी और फिर कब पकौड़ी चाय हो गयी पता ही नही चला, बैठे बैठे हमने आज शाम का प्रोग्राम भी बना लिया था और रोमांटिक अंदाज में पत्नी जी को बता ही रहे थे तो कहने लगी अरे हमने बहुत देखी है बैंक वालो का वादा , घर वालो का तो करते नही पता नही ग्राहकों को कैसे संतुष्ट करते है ।।
सच बताऊं ये बात लग गयी दिल पे और बोल भी दिया जानेमन 19 वा लग गया है अब तो तुम्हे बैंक वालो पर भरोसा करना ही पड़ेगा और शाम को 5 बजे तैयार रहना ये कह कर कार उठायी और चल दिया आफिस ।।
आज सुबह की हीरोपंती में थोड़ा सा लेट हो गए ऑफिस पहुँचने में , बरहलाल सबको नव वर्ष की शुभकामनाएं दी (और साथ मे कैडबरी वाली चॉकलेट और टॉफी जिसे लेने में ही हो गयी थी थोड़ी लेट) शाखा प्रबंधक महोदय को भी हमने देना चाहा पर उनका जवाब क्या ये बच्चो वाले काम करते हो और ये लेट क्यो हुए बताओ ये सब देकर अपनी गलती को छुपाना चाहते हो !!@!!!
हमने भी कह दिया तुरंत साफ साफ बोलिये तो चले जाएं वापस घर
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शाखा प्रबंधक हड़बड़ाते हुए, अरे भाई ठीक है ठीक है चले जाना शाम को और हा ये चॉकलेट दे दो ।। केबिन से बाहर निकला तो सच मे लगा अरे इतना बोल कैसे लिया पर फिर लगा क्या गलत ही बोला ।।
दिन भर काम के साथ ग्राहकों से भी नए वर्ष की शुभकामनाओ का आदान प्रदान और एक नए जोश के साथ काम किया और साथियों को भी नए वर्ष पर परिवार के साथ रहने की सलाह दिया, देखते ही देखते लंच हो गया और इधर मेरा काम भी खत्म , 3:45 पर मैं शाखा प्रबंधक से पूछने गया कि कोई काम तो नही उससे पहले ही वो काम तो बहुत है, एटीएम कंप्लेन, bgl रेक्टिफिकेशन, NPA लिस्ट blah blah blah
इधर वो नॉन स्टॉप बोल ही रहे थे तब तक हम एक बार औऱ बोले हैप्पी न्यू ईयर अगेन सर् और बैग उठाये और साथियों को हाथ हिला कर बोले चलता हूं ,
अभी कार निकाले ही थे कि शुक्ला जी आते दिखे बता रहे थे कि आपके जाने के बाद BM केबिन से बाहर आकर चिल्ला रहे थे बताओ इतना काम है और वो निकल गया बिना बताए
तो हमने पूछा फिर,
तो शुक्ला जी बोले तो क्या हम भी निकल लिए और बाकी लोग भी पीछे पीछे आ रहे है , सच मे ऐसा लग रहा था पहले कुछ गलत किया पर अब सच मे बहादुरी वाला काम लग रहा था, काम पेंडिंग तो वैसे भी 8 बजे तक रुकने से रहता था तो आज भी रहेगा तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगा ।।
रास्ते से ही हमने फ़ोन कर दिया कि रेडी रहना आ रहे है विस्वास तो पत्नी जी को बिल्कुल नही हुआ पर उनको मेरी 19 वाली बात शायद दिल मे समा गई थी और बच्चो के साथ गेट पर तैयार मिली,
हम लोग थोड़ी ही देर मे पार्क बच्चो के संग पहुँच गए , गुब्बारे पॉपकॉर्न हम लोगो ने लिया उधर बच्चो ने पार्क में ही बैडमिंटन चुपम छुपाई की टीम ही बना ली थी , हम लोगो ने खूब सारी फ़ोटो खींची , टिकिया फुल्की चाउमीन पॉव भाजी खाया और पहुँच गए PVR में सिम्बा देखने और उसके बाद रेस्टोरेंट में लाइट डिनर और न्यू ईयर की छोटी सी पार्टी में ठुमके वुमके फ़ोटो शोतो , हो हल्ला मस्ती , और इन सबके बाद घर वापसी
पत्नी जी ने आज काफी दिन बाद कहा ये बैंक वाला तो बदल गया पूरी तरह से और वादा पूरा करके दिखा दिया 19 में मुझे तो यही बैंक वाला चाहिए था और मैंने महसूस किया कि बैंक वाले पर इस रोमांस का दबाव पूरे चरम पर चढ़ रहा था और रात तो अभी पूरी बाकी थी, इधर पीछे की सीट पर देखा बच्चे थक कर सो गए थे और घर भी आ गया था ।।।
अंत मे यही कहना चाहता हूं कि साल का पहला दिन बैंक की नौकरी के साथ परिवार संग मेरा बहुत अच्छा रहा और जो पहले थोड़ा अफसोस हुआ था BM के पेंडिंग वर्क उस पर भी कोई अफसोस नही रहा क्योंकि रोज तो पेंडिंग ही रहता था और कौन सा वो रोज खुश होता था पर आज जो परिवार संग लम्हा बिताया वो मेरी जिंदगी के महत्वपूर्ण पलो में से एक था , कई सालों से बैंकिंग में इतना तल्लीन हो गया था कि परिवार से दूर होता जा रहा था पर आज इस नए साल के पहले दिन से मैं वचन देता हूँ कि अपनी बैंकिंग जिम्मेदारी करते हुए अपने परिवार पर भी विशेष ध्यान दूँगा और बैंक द्वारा घोषित छुट्टी के दिन कभी बैंक संबंधित कार्य नही करूँगा ।। वो दिन केवल और केवल मेरे परिवार और मेरे दोस्तों का है ।।
नए साल में मेरा यही संकल्प (Resolution 2019) है और आपका क्या है जरूर कमेंट बॉक्स में बताए

