Online fraud का बड़ा खुलासा , पूरा मोबाइल आपका मैप हो जा रहा है और आपको पता भी नही चलेगा ।।
अभी हाल में ही ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वालो ने एक नया तरीका ईजाद किया है , इस तरीके में वो आपको एनकरीपेटेड फॉरमेट में कोई लिंक भेजेगा और बीच मे एक लूपहोल लगा देगा , ये तो आपको पता ही है डेस्टिनेशन लिंक पर पहुँचने के लिए बहुत से लोग लूपहोल लगा देते है ।।
इस लूपहोल में उस साइट पर आपके पूरी मोबाइल की डिटेल्स आ जाती है , IP एड्रेस, IP4/6 , अब इनके द्वारा वो एक मैसेज तैयार करता है और सर्वर no पर भेजने के लिए कहता है , कई बार वो वर्चुअल no पर मैसेज लेकर उसे अपने डिवाइस से भेजते है और सर्वर से कन्फर्म होते ही आपका पूरा मोबाईल हैक ।।
अब आपके मोबाइल में जो भी मैसेज आएगा वो आटोमेटिक उनके पास चला जायेगा ।।
बहुत से एप्प्स है जो ऐसा करते है पर उसके लिए आपके मोबाईल में वो app इंस्टाल करना पड़ेगा ।।
अब फ्रॉड करने वाला अपने मोबाइल या लैपटॉप को VPN से से कनेक्ट करके लोकेशन चेंज करेगा ।।
फिर वो कोई भी बैंकिंग app या UPI के माध्यम से आपका फॉरगेट पासवर्ड बदलेगा और नया रखेगा क्योकि OTP उसके पास भी जा रही है ।।
अब वो पैसा ट्रांसफर कर लेगा आसानी से , अब आखिर ये पैसा जाता कहा है जाहिर सी बात है बैंक में ही जाता होगा ।।
कई बार इन्वेस्टिगेशन टीम को यही पता चला है कि ये सब फ्रॉड वाला पैसा Paytm , Bandhan Bank, Airtel Bank, ICIC बैंक में जाता है ।।
एकाउंट no भी मिल गया , बैंक भी मिल गया पर फ्रॉड नही पकड़ा गया क्योकि उस बैंक ने KYC के साथ समझौता किया था ।।
सावधानी ही बचाव है पर ये भी सत्य है कि प्राइवेट बैंक में खाता रखकर लोग फ्रॉड करते है ।।
आखिर प्राइवेट बैंक की जवाबदेही नही है , यही अगर सरकारी बैंक में होता तो आपको पता है कि उस कर्मचारी के साथ क्या किया जाता ।।
जरूरत है फ्रॉड को रोकने की उसके साथ ही जनता के साथ बैंक के कर्मचारियों को भी अपडेट करने की जरूरत है ।।
अभी हाल में ही ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वालो ने एक नया तरीका ईजाद किया है , इस तरीके में वो आपको एनकरीपेटेड फॉरमेट में कोई लिंक भेजेगा और बीच मे एक लूपहोल लगा देगा , ये तो आपको पता ही है डेस्टिनेशन लिंक पर पहुँचने के लिए बहुत से लोग लूपहोल लगा देते है ।।
इस लूपहोल में उस साइट पर आपके पूरी मोबाइल की डिटेल्स आ जाती है , IP एड्रेस, IP4/6 , अब इनके द्वारा वो एक मैसेज तैयार करता है और सर्वर no पर भेजने के लिए कहता है , कई बार वो वर्चुअल no पर मैसेज लेकर उसे अपने डिवाइस से भेजते है और सर्वर से कन्फर्म होते ही आपका पूरा मोबाईल हैक ।।
अब आपके मोबाइल में जो भी मैसेज आएगा वो आटोमेटिक उनके पास चला जायेगा ।।
बहुत से एप्प्स है जो ऐसा करते है पर उसके लिए आपके मोबाईल में वो app इंस्टाल करना पड़ेगा ।।
अब फ्रॉड करने वाला अपने मोबाइल या लैपटॉप को VPN से से कनेक्ट करके लोकेशन चेंज करेगा ।।
फिर वो कोई भी बैंकिंग app या UPI के माध्यम से आपका फॉरगेट पासवर्ड बदलेगा और नया रखेगा क्योकि OTP उसके पास भी जा रही है ।।
अब वो पैसा ट्रांसफर कर लेगा आसानी से , अब आखिर ये पैसा जाता कहा है जाहिर सी बात है बैंक में ही जाता होगा ।।
कई बार इन्वेस्टिगेशन टीम को यही पता चला है कि ये सब फ्रॉड वाला पैसा Paytm , Bandhan Bank, Airtel Bank, ICIC बैंक में जाता है ।।
एकाउंट no भी मिल गया , बैंक भी मिल गया पर फ्रॉड नही पकड़ा गया क्योकि उस बैंक ने KYC के साथ समझौता किया था ।।
सावधानी ही बचाव है पर ये भी सत्य है कि प्राइवेट बैंक में खाता रखकर लोग फ्रॉड करते है ।।
आखिर प्राइवेट बैंक की जवाबदेही नही है , यही अगर सरकारी बैंक में होता तो आपको पता है कि उस कर्मचारी के साथ क्या किया जाता ।।
जरूरत है फ्रॉड को रोकने की उसके साथ ही जनता के साथ बैंक के कर्मचारियों को भी अपडेट करने की जरूरत है ।।


